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ओम शांति। दोस्तों आज corona virus pandemic ने समस्त विश्व पर दूसरी wave का बहुत गहरा प्रहार किया है। सब तरफ अफरा-तफरी का माहौल है, लोगों के मन में भय है, चिंता है, हर एक के मन में यही प्रश्न उठता है कि इसके ऊपर हम कैसे विजय प्राप्त करें, इससे कैसे बचें। ऐसे समय पर हमारे मन में केवल एक ही बात ध्यान में आता है कि अगर हमें इससे बचना है तो स्वयं समझदारी से काम लेना होगा। किसी ने बहुत अच्छा कहा है कि- Mind and parachute they both function when they are open. अर्थात ऐसे समय पर केवल तीन बातों को हमें ध्यान रखना है और उन्हीं तीनों बातों के आधार पर हम आज कुछ बातों का चिंतन करेंगे और वे तीन बातें कौन सी है?
1) पहला सजग रहना यानी alert रहना।
2) दूसरा स्थिर रहना अर्थात stable रहना।
3) और तीसरा सकारात्मक अर्थात positive रहना।
दोस्तों यह यह तीन बातों का मंत्र यदि हम अपने मन और तन के हिसाब से फॉलो करें, इनको हम संयम से फॉलो करें, तो हम इस pandemic के ऊपर सहज रूप से विजय प्राप्त कर सकते हैं। स्थिरता, सजगता और सकारात्मकता।

आज सबसे पहले हमारे मन में यही आता है कि हम घर पर हैं, तो क्या हम early disease को recognise कर सकते हैं? ऐसे क्या लक्षण है जिसके द्वारा हमें ज्ञात हो कि यह बीमारी कहीं न कहीं हमारे ऊपर असर डाल रही है या इसके symptoms या लक्षण हमारे पास आ रहे हैं। कुछ ऐसे लक्षण जो है वह है- बुखार। आज के समय में कई बार मुझे फोन आता है, वह कहते हैं डॉक्टर साहब चार-पांच दिन से बुखार चल रहा था, हमने सोचा कुछ और होगा। बस यही सोचना कि कुछ और होगा ये गलत हो जाता है! आज के समय में हर प्रकार का बुखार, किसी प्रकार की अगर हमें बार बार खांसी उठती है जैसे पहले नहीं उठी हो, अगर हमें unusual सी थकावट लगती है, taste का चला जाना, smell का चला जाना, सांस फूलना, एक ऐसी कोई भी बातें हमारे जीवन में महसूस होती है तो यह symbol है, ये symbolic है कि कहीं ना कहीं हमको कोरोनावायरस का अटैक हो सकता है, प्रहार हो सकता है। और जब भी प्रहार होता है तो हम को घबराने की जरूरत नहीं है, यह नहीं सोचना कि मैं तो अपनी थोड़ी सी दवाई कर लूंगा या कोई चीज खा लूंगा, या कोई ऐसी गोली खा कर अपने आप को आराम दे दूंगा। ऐसा नहीं है। यह करोना हो सकता है, इसलिए हमको सबसे पहले proper और immediate steps necessary हैं। और क्यों necessary है? क्योंकि आपके जीवन के आधार पर ही अनेकों का जीवन आधारित है। क्योंकि ऐसे pandemics जो होते हैं अक्सर देखा गया है यह बीमारी, ये young लोगों के अंदर, बच्चों के अंदर आती है और उनको asymptomatic या थोड़ी सी mild symptoms करके चली जाती है। लेकिन घर में बड़े हैं, बुजुर्ग हैं जिनको डायबिटीज है, हाइपरटेंशन है, सांस की बीमारी है, जिनके जीवन के अंदर अलग अलग प्रकार के कुछ और comorbidities हैं, कुछ प्रॉब्लम हैं और बुजुर्ग है, ऐसे लोगों को ये pandemic की बीमारी, ये कोरोना की बीमारी अगर कैच कर लेते हैं, तो ये उनके लिए जानलेवा हो सकती है। इसलिए आपके जीवन में सजग रहना, अलर्ट रहना यह आवश्यक है। ना केवल आपके लिए, लेकिन अनेकों अनेक लोगों के लिए भी। इसलिए इस चेन को तोड़ने के लिए सबसे पहले आपको उस चेन से अपने आपको आइसोलेट करना होगा, अलग होना पड़ेगा ताकि यह बीमारी आप ही तक सीमित रहे और किसी और को effect ना करें। तो जैसे ही आपको यह symptoms आए, आपने टेस्ट कराया है या नहीं कराया है high suspicion रखते हुए बहुत तेजी से अपने आप को isolate कर लें। घर के अंदर किसी कमरे में, या किसी और कोने में आप अपने आप को सब लोगों से isolate कर ले। और बाकी सब लोग भी जो परिवार के अंदर है वह भी अपने आपको उस व्यक्ति से distance करें, इससे हम कोरोना की बीमारी को फैलने से वहीं पर रोकथाम कर सकते हैं।

और दूसरा जैसे ही आपको लक्षण आए तो उस परिवार के सभी सदस्यों को भी immediately मास्क कर लेना चाहिए, isolate करने के साथ-साथ proper masking... 1 मास्क यूज करें अगर proper mask यूज करते हैं, या आप 2 मास्क यूज करें जब कपड़े और दूसरा मास्क surgical mask use करते हैं। तो इन दोनों चीजों का जब हम उपयोग करते हैं तो 95% तक हम इस बीमारी को अपने परिवार में फैलने से वहीं पर रोक देते हैं और ये बहुत बहुत important step है, यह बहुत बड़ा स्टेप आप लेते हैं जब आप अपने आपको isolate करतें हैं। और अनेकों अनेक लोगों तक इस बीमारी को फैलने से रोक देते हैं।

दूसरा- आपको immediately टेस्टिंग करानी है। टेस्टिंग का रिजल्ट कई बार लोग कहते हैं कि सर हमने दे दिया टेस्ट, हमको लक्षण है, but हो सकता है कुछ और हो। 4 दिन के बाद उसकी रिपोर्ट आएगी तब तक मैं कोई ऐसे ही दवाई ले लेता हूं या कुछ इलाज नहीं करता हूं.... नहीं! अगर suspicion है और अगर हमें लगता है कि यह बीमारी हो सकती है, तो हमको ट्रीटमेंट immediately शुरू कर देना है अपने डॉक्टर से बात करके। सिंपल गोलियां हमको लेनी है जिसके protocol गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के द्वारा हर शहर के अंदर, हर डॉक्टर के द्वारा बड़ी clearly defined हैं। और उस बीमारी के जो protocols को यदि आप proper तरीके से फॉलो करते हैं, तो रिजल्ट अगर पॉजिटिव आता है तब भी आप advantage में हैं, क्योंकि आपने अपने आप को ट्रीट किया। और यदि रिजल्ट नेगेटिव आता है तब भी आप एडवांटेज में हैं। क्यों? क्योंकि 70-80 % cases के अंदर ही ये RT-PCR या बाकी टेस्ट detect कर सकते हैं। बाकी cases में ये कई बार डिटेक्ट नहीं होता है और अगर नहीं भी निकलता है तो ज्यादातर जो आप दवाइयां ले रहे हैं वो आप को नुकसान नहीं करेगी। इसलिए जैसे ही आपको diagnosis हो, फीवर हो बुखार हो, cough आए, सांस फूले, कोई भी चीज लगती है आप isolate करें, ट्रीटमेंट चालू कर दे। यदि आपको लगता है RT-PCR में टाइम लग रहा है तो immediately आप rapid antigen करा सकते हैं। और rapid antigen का टेस्ट जो कि दस मिनट में आ जाता है, अगर वह positive है तो आपको RT-PCR के लिए जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उसको हम positive ही मानकर treat करते हैं। तो टेस्टिंग आपने कराई, अपने आपको isolate किया, ये बहुत जरूरी है ताकि आप अपने सही treatment path पर चल पड़े।

इसी के साथ जो भी फैमिली मेंबर्स exposed हैं, जो उनके साथ रहते हैं क्योंकि अक्सर हमारी ये मान्यता है कि यह तो मेरे परिवार वाले हैं इनसे मुझे करोना क्यों होगा, यह तो मित्र हैं इनसे मुझे करोना क्यों होगा, ये तो हमारे सगे संबंधी है इनसे हमें कोरोना क्यों होगा?! करोना किसी भी boundaries को नहीं देखता है। वो हर जगह तोड़ता हुआ घुसता है। इसलिए self protection is the key. ये बहुत-बहुत आवश्यक है जो आपको समझना है। इसलिए परिवार में रहते हुए भी जब आप भोजन करें तो अलग रह कर खाएं। यदि आप सबके नेगेटिव है तो भी डिस्टेंस पर रहकर खाएं। और symptoms है तो अपने आप को completely डिस्टेंस करना बहुत आवश्यक है।
दोस्तों जो लोग exposed हैं, उनको भी अपने टेस्ट कराने हैं। 3 दिन से लेके 4 दिन 5 दिन के बीच में, इस विंडो पीरियड में उनको अपना rapid antigen, नहीं तो probably RT-PCR करा लेना चाहिए, ताकि वह भी अपने आप को पॉजिटिव या नेगेटिव कैटेगरी में ला सकें। और अगर asymptomatic भी हैं, कोई लक्षण नहीं भी है फिर भी पॉजिटिव आता है तो उसको फॉलोउप करके, मॉनिटरिंग करके आगे देख सकते हैं। ऐसे लोग यदि सजग रहते हैं, अलर्ट रहते हैं तो यह भी rapid spreader या super spreader की कैटेगरी से बाहर आ जाते हैं और अनेकों अनेक लोगों की जान बचाने के लिए निमित्त बन जाते हैं।

जैसे ही करोना हमको डायग्नोज होता है तो हमको चार चीजों की तुरंत मॉनिटरिंग करनी है। बहुत सिंपल मॉनिटरिंग है- आप सबसे पहले घर के अंदर एक saturation monitor जो है वह जरूर लेकर रखे जिसको हम pulse oximeter कहते हैं। और उस pulse oximeter को अलग-अलग लोगों के ऊपर चेक भी कर ले कि वह सही saturation दिखा रहा है। और जैसे ही अगर आपको लक्षण है, तो आप
1) सबसे पहले दिन ए कैटेगरी में आप देखें कौन सा day of illness है।
2) दूसरा है हमको बुखार कितना आ रहा है। हर 4 घंटे बाद हम को बुखार की मॉनिटरिंग करनी है चाहे वह बुखार आता है या नहीं आता है।
3) तीसरा हमको oxygen saturation की monitoring करना है, चाहे वो नॉर्मल भी रहती है लेकिन फिर भी आपको उसका चार्ट बनाना है।
4) और चौथी चीज जो बहुत इंपोर्टेंट है वह है- pulse rate, यानी आप की धड़कन कितनी चल रही है।
5) और इसी के साथ जब आप को बुखार आता है तो पेरासिटामोल की गोली या कोई डॉक्टर जो आपको advice करता है, वो गोली लेते हैं उसको भी साथ में लिख लें।
इसका advantage क्या है? क्योंकि यही important chart है जो कि आगे हमारा मार्गदर्शन करता है, along with जो common blood investigation है, जो डॉक्टर के सुपरविजन में आप कराएंगे। उसके साथ-साथ इस चार्ट को अपने सामने रखना, मेंटेन करना। यह 1 सेकेंड में हमको trends दिखाएगा और उस trend के अकॉर्डिंग हम first gear के बाद second gear या third gear में जा सकते हैं। जब हम ऐसी मॉनिटरिंग करते हैं तो किन बातों का हमें ध्यान रखना है-
जब भी हमारी temperature बहुत तेजी से ऊपर जा रहा हो, किसी दवाई से कंट्रोल ना हो रहा हो, 3 दिन 4 दिन... और इसी के साथ हमारे लक्षण बढ़ते जाए, तो यह एक चिंता का विषय है! यानी हम लोग initial phase से immune phase की तरफ जा रहे हैं। और ऐसे समय पर बहुत इंपॉर्टेंट है कि हम immediately डॉक्टर से consult करके second line of treatment यानी steroid है और बाकी दवाइयां है उनकी तरफ हम अपना ध्यान दें। इसी के साथ जो दूसरी चीज जो हमको मॉनिटर करने की जरूरत है वह है saturation यदि हम देखते हैं, normal saturation से 94- 93 तक टच कर रही है, कम आ रही है तो भी डॉक्टर से हमको consult करना आवश्यक है अर्थात हमारे respiratory path way, हमारे lungs कहीं ना कहीं affect हो रहे हैं। अगर कुछ लोगों को सांस की बीमारी है तो यह percentage vary कर सकती है। पर ज्यादातर लोगों में यह इसी प्रकार से ये देखा गया है।

इसी के साथ कुछ unusual symptoms आपको आते हैं यानी uneasiness बढ़ जाती है आपको, सांस फूलना बढ़ जाता हैं, चक्कर आते हैं, diseases बढ़ते हैं, तो भी यह alertic symptoms है, इसीलिए इंपॉर्टेंट है कि आप चार्ट को जरूर मैनेज करें, जरूर उसको देखें।

जब आप isolate हो जाते हैं, तो isolate होकर हमको क्या करना है? आइसोलेट होकर हमको कोशिश करना है कि हम अपने chest के बल पर लेट जाएं, क्योंकि देखा गया है कि जब हम अपने chest के बल पर लेटते हैं, चाहे saturation नार्मल भी है, तो भी lungs की oxigenation बढ़ जाती है। इसी के साथ deep breathing exercise जैसे- गहरा सांस आपने लिया और उसको रोक कर बाहर छोड़ दिया, यह भी हमारे lungs की एक्सरसाइज है! क्योंकि कोरोना जहां अटैक कर रहा है वहां आप उसको काउंटर कर रहे हैं, lungs को कार्य देकर lung ko expand कर के। इसी तरह pursed lip breathing है। Pursed lip breathing बहुत सिंपल एक्सरसाइज है। जैसे आप देखिए(.......), इस तरह से आप गहरी सांस लेंगे, उसको रुकेंगे और मुंह से हूंम करके बाहर छोड़ देंगे, तो ऐसी एक्सरसाइज आप करेंगे तो आपकी saturation इंप्रूव होगी। इसी के साथ बुखार है, उसके लिए पेरासिटामोल की गोली है, cough syrup लेना है, anti allergy की गोलियां है, vitamins जो सप्लीमेंट है जैसे- zinc है, और इसी तरह विटामिन सी हैं, इनके सप्लीमेंट आपको लेना है। खाने पीने में गर्म पानी है, गर्म काढ़ा है, गरम प्रोडक्ट्स.. अच्छी डाइट जो आपको पसंद है, जो प्रोटीन है, वह आप किसी भी मात्रा में लें, ताकि आपके शरीर को एनर्जी मिले। जहां वाइरस है वहां पर अपनी इम्यून सिस्टम को पावरफुल तरीके से बढ़ा रहे हैं, तो अलर्ट रहकर जब हम देखेंगे तो हम बहुत सारी चीजों को मैनेज कर सकते हैं। इसी के साथ थोड़ा-थोड़ा steam inhalation लीजिए- steam inhalation आप लीजिए, बहुत तेज heat नहीं लेकिन आप एक midsegment heat को आप लेंगे, तो वह भी आपके गले को सुकून देगा। तो आइसोलेशन के अंदर जब हम इन चीजों का ध्यान रखेंगे, ventilation प्रॉपर रखेंगे, खिड़की खोल कर रखेंगे तो इस वायरस के spread को रोकने से हम significantly prevent कर लेंगे।

इसी के साथ आप लोगों में से बहुत लोग हमसे पूछते हैं कि भाई हम ब्लड टेस्ट क्या कराए या सीटी स्कैन करा ले? एकदम कोरोना को डिटेक्ट होते ही अगर हम सिटी स्कैन कराते हैं, तो initial phases में lung का involvement नहीं होगा और अगर स्कोर आपका कम आता है या प्रैक्टिकली ना के बराबर आता है, तो ये हमको false sense of security भी दे सकता है। इसलिए हमारी recommendation यह है कि जब आपको कुछ दिन निकल जाएं या symptoms आपको जल्दी आने लगे तो यह indication है कि आप उस सी.टी टेस्ट को करा कर देख सकते हैं। हर व्यक्ति जो कि अपने saturation को मेंटेन कर रहा है, जिसको कोई दिक्कत नहीं है उनको यह टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है, अगर उनका बुखार भी रिसॉल्व कर रहा है। ब्लड टेस्ट जो कॉमन ब्लड टेस्ट है उनको आप यूज कर सकते हैं, उनको आप कॉमन एक बेस वैल्यू रखने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, करा सकते हैं। लेकिन जो advance blood test है, उनको डॉक्टर के supervision के अंदर ही कराएं, ताकि कोई भी दिक्कत, कोई भी unnecessary steps आप अपने मन के अंदर या अपने हिसाब से आप स्वयं ना ले।

तो दोस्तों यह ब्लड टेस्ट, सिटी स्कैन, मॉनिटरिंग भी बहुत आवश्यक है लेकिन जब यह supervised guidelines हैं। ऐसा नहीं कि आप अपने आप ही सीटी स्कैन कराने पहुंच गए, आप अपने आप ही टेस्ट करा लिए, अपने आप ही आपने डिसीजन ले लिया क्योंकि जब ऐसा होगा तो कहीं ना कहीं आपकी inner stability खराब होगी, आप अपने आप को हिला हुआ महसूस करेंगे। देखा गया है कि इस कोरोना pandemic के अंदर, जहां हम लोग कभी-कभी अलर्ट रहते हैं वहां हमारे मन की stability खराब हो जाती है। हम एक दूसरे से बात नहीं करेंगे या कभी-कभी बहुत ज्यादा बात करेंगे, सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा उपयोग करेंगे। आजकल तो व्हाट्सएप, फेसबुक और सब पर आपको रोज मैसेजेस की opinion आती है। मेरा आपको यह opinion है कि इस सिंड्रोम को थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। गाइडलाइन बहुत defined है, बहुत सहज है। आप उनको फॉलो करें और इस समय पर हर एक से interact जरूर करें, बात करें आराम से, कोरोना को छोड़कर कुछ और बात करें कुछ अच्छी बात करें, आप को श्रेष्ठ संकल्प दे कि मैं बिल्कुल ठीक हूं, मैं इस पर विजय प्राप्त जरूर करूंगा। क्योंकि जहां यह हमारे इम्यून सिस्टम को पावरफुल तरीके से इफेक्ट करती है दोस्तों, उसी प्रकार से उस इम्यून सिस्टम को बरकरार रखना, उसको strengthen करना ये भी हमारी सोच, हमारी सकारात्मकता के ऊपर निर्धारित है। ऐसे समय पर हमारे लिए बहुत आवश्यक है कि जहां यह हमारे शरीर और हमारे मन पर प्रहार कर रही है उस समय हम लोग संयम रखें हम बैलेंस रखें। जहां हम शरीर का ध्यान दे रहे हैं उसी प्रकार मन का भी बहुत अच्छी तरीके से ध्यान दें। हमारे ऐसे कितनी ही cases हैं जिनको हमने देखा है- जिन्होंने अपने positive attitude से, सकारात्मकता से बार-बार अपने आप को संकल्प देकर अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाया है, अपने आप को पावरफुल तरीके से fight back mode के अंदर लाया है और severe बीमारी के ऊपर भी विजय प्राप्त की है। आप म्यूजिक सुन सकते हैं, मेडिटेशन म्यूजिक सुन सकते हैं, कुछ अच्छा पढ़ सकते हैं, कुछ अच्छा लिख सकते हैं, और आपस में एक दूसरे से खुशी से interact कर सकते हैं। तो दोस्तों जहां इस बीमारी पर विजय प्राप्त करने का जो सहज तरीका है वह है- सजग रहना, स्थिर रहना। और दूसरा इसी के साथ है सकारात्मक रहना। ऐसे समय पर जब हम अपने मन को स्थिर रखते हैं, अपने मन को सकारात्मक रखते हैं तो दोस्तों इस pandemic पर इस बीमारी को हम अपने लिए भी रोक सकते हैं और अनेकों अनेकों लोगों को भी हमलोग इस बीमारी से सफर करने से रोक सकते हैं।

और आखरी बात, आज मैं देख रहा हूं कि कई लोगों के लिए बहुत सारी दवाइयों के लिए, बहुत सारी ऑक्सीजन concentrators के लिए होड़ लगी हुई है। आप भागिए नहीं, आप केवल अपने जीवन में संयम रखिए। यदि आपको लगता है कि ऐसी requirement हमको होने वाली है, एक severe comorbidities हैं, saturation कम आ रही है, तब हम second और third gear में जाते हैं। लेकिन यह सब चीजें जो हैं, ये डॉक्टर के supervision में होनी चाहिए। तो इसलिए यह 3 पॉइंट मंत्रा सदा ध्यान रखिए, इस पर विजय प्राप्त करना यह बाहर हमारे मेडिकल साइंस तो कर रही है लेकिन उसके साथ साथ हम को स्वयं भी करना है, अपनी रिस्पांसिबिलिटी को भी लेना है, वैक्सीनेशन से नहीं डरना है, अपने आप को सैनिटाइज करना है, घर को सैनिटाइज करना है, मास्किंग करनी है। वैक्सीनेशन, मास्किंग और sanitization यह तीन पावरफुल तरीके हैं जिसके द्वारा हम इसके spread को रोक सकते हैं। तो सहज, स्थिर और सकारात्मक.. alert, stable and positive यह तीन मंत्र जब हम रखते हैं तो परमपिता परमात्मा की शक्ति हमको सहज प्राप्त होती है। उससे जब हमारा कनेक्शन होता है तो वो संकल्प शुध्द, सकारात्मक और पावरफुल हो जाते हैं और हर पल हर परिस्थिति पर हम सहज विजय प्राप्त कर सकते हैं। तो हम आशा करते हैं कि आप सब एक जुट होकर अपने संकल्पों को पावरफुल बनाएंगे और यह छोटे-छोटे स्टेप्स जो हमने बताए हैं, छोटी छोटी बातें जो हमने आपके सामने रखी है इनका ध्यान रखकर इसके ऊपर विजय प्राप्त करेंगे, ओम शांति।


 

 

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